JAI BABA KEDARNATH JAI BABA BHOLENATH
नमस्कार दोस्तों, यात्रा 99 में आपका स्वागत है. हमेशा की तरह आज भी हम आपके लिए एक और शानदार धार्मिक यात्रा की जानकारी लेकर आये हैं. आज की पोस्ट “केदारनाथ यात्रा कैसे करे | Kedarnath Temple Yatra Kaise Kare”
में हम आपको उत्तराखंड के विश्विख्यात धार्मिक मंदिर केदारनाथ की यात्रा
की जानकरी लेकर आये हैं. जैसे की आपको पता ही है की हर साल कई लोग
केदारनाथ की यात्रा पर जाते है और अगर आप भी इस साल केदारनाथ की यात्रा पर
जाने वाले है और इस यात्रा की प्लानिंग कर रहे है तो हम आपको अपने इस
आर्टिकल में बताने वाले है की आप किस तरीके से केदारनाथ यात्रा पर
जा सकते है और यात्रा पर जाने का कौन सा समय सही रहेगा , केदारनाथ पर रुकने
और खाने पीने की क्या व्यवस्था है, केदारनाथ के यात्रा में कितना समय लगता
है और केदारनाथ यात्रा में कितना खर्च आता है।
केदारनाथ यात्रा
केदारनाथ यात्रा का समय | मई से सितम्बर | |
| Haridwar to Kedarnath Distance | 239 Kms | |
| Dehradun to Kedarnath Distance | 254 Kms | |
| Rishikesh to Kedarnath Distance | 216 Kms | |
| Delhi to Kedarnath Distance | 295 | |
| Kedarnath Temperature May | Kedarnath Weather May | 17 डिग्री | |
| Kedarnath to Badrinath Distance | 218 Kms |
जैसे की आपको पता है दोस्तो की केदारनाथ के कपाट 6 महीने खुले और 6 महीने
बंद रहते है। केदारनाथ के कपाट मई के महीने में अक्षय तृतीय में खोले जाते
है और दीपावली के आसपास केदारनाथ मन्दिर के कपाट बंद कर दिए जाते है। Amarnath yatra tour information
1 केदारनाथ यात्रा पर कैसे जाए | Kedarnath Yatra Kaise Jaye | Haridwar to Kedarnath Distance
केदारनाथ यात्रा की शूरवात होती है हरिद्वार से। क्योकिं हरिद्वार मुख्य रूप से सभी शहरों के परिवाहन मार्ग से जुड़ा हुआ है।
आप
ट्रैंन, बस या फिर अपने गाड़ी से भी हरिद्वार पहुच सकते है। इसके अलावा आप
देहरादून या ऋषिकेश से भी केदारनाथ की यात्रा कर सकते है। दोस्तों,
हरिद्वार से आपको जाना होता है सोनप्रयाग और इसकी दुरी 235 किलोमीटर के
लगभग हैं ।
आप बस के द्वारा भी सोनप्रयाग जा सकते है हरिद्वार में ही बस स्टॉप बना हुआ है जहा सुबह 5 बजे से शाम के 4 बजे तक बस चलती है।
हम आपको 2 तरीके बतायेंगे जहा से आप हरिद्वार से किस तरह सोनप्रयाग तक सफर कर सकते हैं ।
- जैसे ही आप हरिद्वार के रेलवे स्टेशन पहुचते है वही पर आपको बहुत सारी ऐसी ट्रैवल एजेन्सी दिखेगी, जहा से आप बस की टिकट ले सकते है।इसके आलवा आप चाहे तो सीधे बस स्टॉप से ही टिकट ले सकते है लेकिन आप बस की टिकट पहले ही ले लेते है तो आपको बस में कोई दिक्कत होने वाली नही है। कभी-कभी बहुत ज्यादा भीड होने के वजह से बस की टिकट मिलने में बहुत दिक्कत हो जाती है। इसके आलावा अगर आप बस की टिकट ऑनलाइन लेना चाहते है तो आप पहले से ही ऑनलाइन टिकट ले सकते है । कोई भी थर्ड पार्टी जैसे RED BUS, MAKE MY TRIP में जाकर आप अपने लिये टिकट ले सकते है। लेकिन यहा हम आपको बता दे की ऑनलाइन बस की टिकट आपको 400 की पड़ेगी और यही टिकट आपको ऑफ़लाइन में 100 से 200 का ज्यादा महेंगा पड़ेगा।
- और दुसरा तरीका है की आप हरिद्वार पहुच कर प्राइवेट टैक्सी भी ले सकते हैं । प्राइवेट टैक्सी के खर्चे की बात करे तो 10,000 से 12,000 तक का खर्चा हो सकता है। इसके आलवा अगर आपके पास खुद की गाड़ी है तो आप अपनी गाड़ी से सोनप्रयाग तक जा सकते है।
सोनप्रयाग में ही बहुत बड़ी पार्किंग बनी हूई है जहा आप अपनी गाड़ी खडी कर सकते हैं । अगर आप अपनी कार खडी करते है तो इसके लिये आपकों 100 रुपय और अगर बाइक खडी करते है तो 50 रुपय एक दिन के हिसाब से लगते हैं ।
अगर आप कम खर्च में केदारनाथ यात्रा करना चाहते हैं तो आप बस से ही यात्रा करे ।
2 केदारनाथ यात्रा में रुकने की व्यवस्था | सोनप्रयाग में रुकने की क्या व्यवस्था है |
सोनप्रयाग में बहुत सारे गेस्ट हाउस, होटल और लौज बने हुए है। जहा पर आप रात को रुक सकते है। अगर आप यहा मई और जून में किसी भी गेस्ट हाउस, होटल और लौज के रुम में रुकते है तो रुम का किराया 3000 से 5000 तक भी हो जाता है।
और अगर आप ऑफ़ सीज़न यात्रा करना चाहतें हैं यानी सितंबर और अक्टूबर में
यात्रा करना चाहतें हैं तो यही रुम का किराया 1000 से 1500 तक भी हो जाता
है।
दोस्तों अगर आप कम खर्च में सोनप्रयाग में रुकना चाहतें हैं तो सोनप्रयाग में ये भी उप्लब्ध है। यहा आपको 350 रुपय में भी नाइट स्टे करने को मिल जाते है। और यही सितंबर और अक्टूबर में आपको ये 100 से लेकर 150 में मिल जाएगी।
हरिद्वार से सुबह आप निकलेंगे तो शाम को सोनप्रयाग अपने बजट के अनुसार पहुच जाएंगे ।
जब आप सोनप्रयाग पहुच कर वहा रात को रुम में रुकते है तो आपको दुसरे सुबह ही 3 से 4 बजे ही उठ जाना होता है क्योकिं आपको यहा से गौरी कुंड जाना होता है।
गौरी कुंड तक जाने के लिये आपको वही से सूमो, सफ़ारी टाइप की गाड़ी मिल जाती है। जो आपसे 30 रुपय/व्यक्ति सवारी लेती है जो आपको गौरी कुंड तक छोड देती है । सोनप्रयाग से गौरी कुंड के बीच का रस्ता 5 किलोमीटर के आसपास है। लेकिन आपको इन गाड़ी के लिये बहुत लंबी-लंबी लाईन लगानी पड़ सकती है।
इसके आलवा सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिये घोड़े और ख्चर भी मिल जाते है।
गौरी कुंड पहुचने पर ही आपको वहा पर गौरी माता का मन्दिर दिखेगा। जहा आपको उनके दर्शन कर लेने है। यही पर गौरी कुंड भी है जहा का पानी हमेशा आपको गर्म ही मिलेगा।
यही से केदारनाथ यात्रा के लिये पैदल यात्रा शुरु होती है। जो लोग पैदल यात्रा नही कर सकते हैं उनके लिये ही घोड़े और ख्चर की सुविधा भी उपलब्ध हैं । जिसके लिये आपकों 2300 रुपय देना होगा। और अगर आप पालकी में जाना चाहतें हैं तो आपको इसके लिए 5000 से 6000 रुपय देने होते है। और अगर आप ऑफ़ सीजन में जाते है तो यही घोड़े ख्चर के दाम कम हो जाते है। परंतु ये 2300 रुपय गोवेर्ंमेंट के तरफ़ से तय किये गये हैं ।
3 गौरी कुंड से पैदल यात्रा | Kedarnath Gorikund Paidal Yatra
अगर आप गौरी कुंड से पैदल यात्रा कर रहे हैं तो बीच सफर में ही आपकों
बहुत सारे झरने देखने को मिलते है। एक तरफ से आपकों मन्दाकिनी नदी बहती नजर
आयेगी। और दुसरी तरफ आप पैदल यात्रा कर सकते हैं । पैदल यात्रा करते हुए
ही आपकों रास्ते में खाने पीने की कोई भी दिक्कत नही होती है। क्योंकि
रास्ते में ही आपको बहुत सारे दुकानें मिल जाती हैं । जहा आपको परांठा,
मैगी और फल मिल जाएंगे।
इसके आलवा आपको जगह-जगह में बाथरूम भी मिल जाएंगे।
दोस्तो अब इसके बाद आप पहुच जाते है बेस केम्प, जहा सारे भक्तों के लिये रुकने और खाने पीने के लिये आश्रय बनाया गया है।
अब यही से केदारनाथ की दुरी मात्र 1 किलोमीटर की रह जाती है। बेस कैम्प-
में ही बहुत सारे टेन्ट लगे हुए है जिनका किराया 400 रुपय/ व्यक्ति का देना
होता है। इसके आलवा यहा पर गढवाल मंडल निगम लिमिटेड बना हुआ है जहा पर आप
रुक सकते है।
यहा पर 3 गेस्ट हाउस बने हुए है । आप इन तीनों में से किसी एक रात के लिये रुक सकते है।
4 केदारनाथ यात्रा होटल बुकिंग 2023 | Kedarnath Yatra Hotel Room Booking Online
आप इन रुम की बूकिंग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनो तरीके से कर सकते है। लेकिन
ऑफ़ लाईन बूकिंग कराने के लिये 1 प्रतिशत भी चांस नही होता है की आपको वहा
पर कोई भी रुम खाली नही मिलते है। इसलिए आप पहले से ही ऑनलाइन बूकिंग कर
लीजिये ।
बूकिंग कराने के लिए आपकों गढवाल मंडल निगम लिमिटेड के वेबसाइट में जाकर बूकिंग कराना होता है।
इसके अलावा अगर आप मन्दिर के पास में ही रुकना चाहते है तो मन्दिर के पास ही बहुत सारे होटल और गेस्ट रुम बने हुए हैं ।
अगर आप बेस कैम्प में रुकते है तो आपको यहा पर खाने पीने के लिये 150 रुपय से 200 रुपय की थाली मिल जाती है।
और अगर मन्दिर के पास भी रुकते हैं तो आपको यहा भी 150 से 200 रुपय की खाने की थाली मिल जाती हैं ।
अगर आप बेस कैम्प शाम के 6 बजे पहुच जाते है तो आप अपना समान रख दीजिये और फिर आराम कर लिजिये।
और आराम करने के बाद चले जाईए केदारनाथ मन्दिर में दर्शन करने ।
5 केदारनाथ मंदिर दर्शन का समय | Kedarnath Temple Darshan Timing
केदारनाथ मंदिर दर्शन का समय सुबह 5 से रात 9 बजे तक है। शाम्ं को 6 बजे केदारनाथ मंदिर में आरती होती है।
आप
भी आरती में जरुर जाए और केदारनाथ बाबा के दर्शन करिये। केदारनाथ बाबा के
दर्शन्ं सभी भक्तों को बाहर से ही करने होते है क्योकिं शाम के 5 बजे के
बाद किसी को अन्दर जाकर दर्शन करने की अनुमती नही होती। इसके लिये आप सुबह
जल्दी उठिए और दर्शन करने के लिए लाईन में लगे । इसके लिये आपकों 3 से 4
घंटे भी लग जाते है। और बात करें प्रसाद की तो मंदिर के पास में ही आपकों
प्रसाद चढ़ाने के लिये मिल जाता है।
यहा पर आपको 3 तरीके से प्रसाद मिल जाते है। एक 151 रुपय, 251 रुपय और 501 रुपय। आप अपने बजट अनुसार प्रसाद ले सकते है।
6 भीम शिला दर्शन | Kedarnath Bhimshila Darshan
केदारनाथ बाबा के दर्शन करने के बाद आप भीम शिला भी दर्शन करने जा सकते है। कहते है की जब 2013 में आपदा आयी थी तो इस शिला के वजह से ही मंदिर को कोई भी नुक्सान नही हुआ था इसलिए इसका नाम भीम शिला पड़ा। आपको इसके भी दर्शन कर लेने है।
इनके दर्शन करने के बाद आप चाहे तो भैरव बाबा के दर्शन कर सकते हैं । केदारनाथ से भैरव बाबा का रस्ता 1 किलोमीटर है तो आप पैदल भी जा सकते है। इतना करने पर आप वापस अपने बेस कैम्प में आ जाईए। इसके बाद वही केदारनाथ मंदिर से 8 किलोमीटर की दुरी पर वष्की तालाब । वहा जाकर भी आप उस झील के दर्शन कर सकते हैं । इसके लिये आपकों केदारनाथ मंदिर में 2 रात का नाइट स्टे करना पड़ेगा।

हरिद्वार दे केदारनाथ यात्रा का समय | Haridwar to Kedarnath Yatra
अगर आप केदारनाथ यात्रा का ट्रिप बना रहे हैं तो आपकों हरिद्वार को मिलाकर 5 रात का प्लान करना पड़ेगा।
पहले रात आप हरिद्वार रुकेंगे, दुसरी सोनप्रयाग, तीसरी केदारनाथ मंदिर, चौथी रात आप वापस आयेंगे और सोनप्रयाग में रुकेंगे और फिर पाँचवे दिन हरिद्वार में रुकेंगे।
दोस्तों जब आप केदारनाथ यात्रा की पैकिंग की तैयारी कर रहे हैं तो अपने साथ हमेशा रेनकोट और वूलन कपड़े जरुर रखे क्योकिं केदारनाथ यात्रा में कभी भी बारिश और कभी ठंड पड़ जाती है।
JAI BABA BHOLENATH JAI SHIV SHAMBHU
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